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मधुमेह का आसान उपचार



हमारी पाश्चात्य जीवन शैली और खाद्य विकल्प ने अनिवार्य रूप से नई स्थायी बीमारियों का प्रसार किया हैं। मधुमेह और दिल की बीमारी आज प्रमुख बीमारियाँ हैं जो की न सिर्फ़ बुजुर्गों बल्कि असंख्य संख्या में जवान लोगों में भी फ़ैल गई हैं । मधुमेह के लिए आज आयु कोई बाधा नहीं है, और हर कोई इस तरह के रोगों का शिकार हर एक दिन में बढ़ती संख्या में हो रहा है। इन विकारों के बारे में जागरुकता फैलाने वाले लोगों की सहायता के लिए हमने कुछ आयुर्वेदिक सुझाव और उपाय साझा किए हैं :



                                                                              
मधुमेह क्या है?

जब शरीर में रक्त शर्करा ( ब्लड शुगर ) का स्तर सामान्य सीमा से अधिक होता है, तो इस स्थिति में मधुमेह होता है। पूरे शरीर में कोशिकाओं को ले जाने के लिए खाद्य को ग्लूकोज में तोड़ लिया जाता है, परन्तु जब इंसुलिन की कमी के कारण ग्लूकोज को ऊर्जा में नहीं तोड़ा जा सकता है, तो शरीर का रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। इंसुलिन हमारे लिए बेहद आवश्यक हार्मोन है जो ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलता है। मधुमेह के दो मुख्य प्रकार होते हैं- टाइप 1 और टाइप 2

मधुमेह को नियंत्रित करने के आसान उपचार

l  मेथी का सेवन कीजिए क्योंकि इसमें ऐसे घटक होते है जो शरीर में मौजूद रक्त शर्करा को कम करने में मदद करते है ।
l  दालचीनी कोलस्ट्रोल को कम करती है और आपके शरीर में रक्त शर्करा को नियंत्रित करती है जिससे मधुमेह के रोगियों को बहुत लाभ पहुँचता है। दालचीनी में मौजूद बायोएक्टिव घटकों से मधुमेह को रोकने और लड़ने में मदद मिलती है। सबसे पहले, आप एक कप पानी में दालचीनी छड़ी को उबाल लें और इसे 20-25 मिनट के लिए उबलने दें। आप रोजाना दालचीनी पानी का एक कप पी सकते हैं । सुनिश्चित रखें कि आप छोटी मात्रा में ही दालचीनी का सेवन करें क्योंकि बड़ी मात्रा होने पर यह हानिकारक हो सकता है। डॉक्टर कि सलाह से ही दालचीनी का प्रयोग कीजिए।
l  प्रतिदिन प्रातः ४ - ५ तुलसी के पत्ते खाली पेट लें, या एक चम्मच तुलसी के पत्ते का रस सेवन करें ।
l  १ छोटे से करेले का बीज निकाल लें और करेले का रस निकालकर रोजाना सुबह सुबह खाली पेट पीने से भी मधुमेह में बहुत फ़ायदा होगा । दिन में १ बार २ चम्मच करेले के रस का सेवन ज़रूर करें । वैकल्पिक रूप से, आप पूरे दिन किसी भी भोजन में इसे पकवान के रूप में भी खा सकते हैं । यह आपके ग्लूकोज को प्रभावित करता है , अग्नाशय के इंसुलिन स्राव को बढ़ाता है और इंसुलिन प्रतिरोध को रोकता है ।
l  अपने मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए रोज़ सुबह खाली पेट १ चम्मच आंवले के रस का सेवन ज़रूर करें । यह टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह, दोनों के लिए उपयुक्त है ।
l  अंजीर के पत्ते को उबालकर, छानकर, पानी को ठंडा करके पीया करें। अंजीर  मौसम न हो तो ताजे अमरूद के १०० ग्राम बीजरहित टुकड़े लेकर उसे ठंडे पानी में ४ घंटे भीगने दीजिए। इसके बाद अमरूद के टुकड़े निकालकर फेंक दें। इस पानी को मधुमेह के रोगी को पिलाने से बहुत लाभ होता है।
l  और बेहतर नतीजों के लिए नीम के पत्तों का जूस रोज़ सुबह खाली पेट लें।

मधुमेह से पीड़ित लोगों को स्वस्थ खाना चाहिए और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों को सीमित रखना चाहिए। अनाज के भोजन और हरी सब्जियों को अपने भोजन में जोड़कर, आप अपने जीवन में वर्षों को जोड़ देंगे। और शराब से हर कीमत पर बचा जाना चाहिए।

खाना जो नहीं है खाना: चावल, आलू, मीठे फल, मैदा, गेहूं, तले हुए भोजन, मांस और साबुदााना।

खाने लायक भोजन: करेले, परवल, लौकी, अनाज जैसे बाजरा, रागी, मक्का और जौ। अन्य विकल्पों में शामिल हैं, मूंग दाल, मसूर दाल, सोया बीन उत्पाद और चना दाल। अंत में, पालक जैसे पत्तेदार हरी सब्जियां ।


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