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सेहत का रखवाला चुकंदर

चुकंदर नाम किसी विशेष परिचय का मोहताज नहीं ,दैनिक खान -पान में या विवाह शादियों में सलाद के रूप में तो अवश्य मिलेगा जूस पीने वालों ने अकसर जूस की दुकान पर इसका स्वाद अवश्य चखा होगा
वैसे तो यह कई रंगो वाला होता है ,लेकिन अधिक प्रयोग लाल चुकंदर का ही होता है
यह भी गाजर ,शलजम ,मूली आदि की तरह जमीन के अंदर पैदा होता है । तथा यह जिमीकंद ही कहलाता है । इसके पत्तों का शाक बनाया जाता है । और पशु को चारे के रूप में खिलाया जाता है




                                                              इसमें मिलने वाले प्र।वृतिक तत्व लोहा, विटामिन आदि रक्त वर्धक और रक्त शोधक के रूप में जाने जाते है इसमें पाये जाने वाले पदार्थ शरीर की प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ा कर रोगों से लड़ने की क्षमता में इजाफा करते है
इसमें सोडियम , पोटेशियम , फास्फोरस ,क्लोरिन ,आयोडीन ,के साथ अन्य विटामिन भी पाये जाते है । इसमें पित्ताशय (पित की थैली )और गुर्दों के साफ करने के प्राकतिक गुण है इसमें मिलने वाला पोटेशियम ,शरीर का पोषण करने में मददगार है तो इसमें मौजूद क्लोरिन गुर्दों का शोधन करता है ।इसका सेवन पाचन ,शक्ति वर्धक तथा वमन (उल्टी) दस्त चक्कर आदि में लाभदायक है
                                                        ह्रदय रोगों में उपयोगी चुकंदर कैंसर, उच्च रक्त चाप (हाई बी.पी.) और अल्जाइमर (स्मरण शक्ति ) में भी लाभकारी है
अनुसन्धान कर्ताओं का मत है की गाजर या सेब के साथ चुकंदर का जूस पीना ब्लड प्रेसर को नियंत्रित करता है
ज्यादा प्रयोग हानिकारक होता है जिसमे चक्कर आना , आवाज़ वाली नली (नस ) को प्रभावित कर अक्षम कर सकता है
चुकंदर के अन्य लाभ
कमजोरी में इसका जूस पिने से लाल रक्त कोशिकओं की सक्रिया में बढ़ोतरी होती है ,इससे शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है
पाचन रोगों में जैसे पीलिया ,मतली ,उल्टी के प्रकोपों में भी इसका जूस उपयोगी है
गैस्टिक अल्सर के उपचार में सवेरे नाश्ते के पहले एक ग्लास जूस शहद मिला कर पिलाना हितकर है
कब्ज बवासीर में रात को सोते समय इसका जूस एक ग्लास लेना फ़ायदा करता है
किडनी और पित्ताशय के विकारो में इसके जूस के साथ गाजर का जूस मिला कर पीना हितकर है
खसरा, बुखार , फोड़े, जलन, मुहासों, के लिए इसका उपयोग पानी में उबाल कर करना चाहिए इसको पानी में उबाल कर छान ले,और इसी पानी से प्रभावित स्थानों को धोना हितकर है । इसी पानी को बुखार में हुई रुखी चमड़ी को और  मुहासों को साफ करने में प्रयोग कर सकते है
सिर में रुसी होने पर इसका काढ़ा बना कर थोडा सा सिरका मिला कर रात को सोते समय बालों में लगा कर सवेरे धोये लाभ होगा
शरीर में हिमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने के लिए यह बहुत उपयोगी है
विटामिन विटामिन सी ,फाइबर ,सोडियम ,पोटेशियम ,फास्फोरस ,क्लोरिन ,आयोडीन ,आयरन और प्रावृतिक शर्करा के तत्वों से भरपूर चुकंदर शरीर को चुस्ती स्फूर्ति ,और आरोग्य प्रदान करता है
बालों का झडना या असमय सफ़ेद होना जैसी समस्या के लिए इसका नियमित सेवन लाभकारी है इसका बालों की जड़ो में लगाना उक्त परेशानियों का नस्ट करता है  नियमित व्यायाम करने वालो को इसका प्रयोग करने से थकान नही आती तथा व्यायाम में रुची बढ़ती है
संक्र।मित त्वचा (चमड़ी ) के रोगों के लिए इसका उपयोग लाभकारी है
महिलओं में पाई जाने वाली रक्त अल्पता में इसका उपयोग लाभकारी है
हानि
रक्त चाप की समस्या से ग्रसित लोग इसका सेवन कम करें
ज्यादा खाने से उल्टी दस्त डायरिस हो सकते है
किडनी के रोगियों के लिए अधिक मात्रा नुकसान दायक है
इसके ज्यादा सेवन से चक्कर सकते है (व्होकल काड) आवाज वाली नली प्रभावित हो सकती है
यह उपाय उपचार सामान्य है प्रयोग करने से पहले स्थानीय चिक्त्सिक से सलाह अवश्य लें

                                             वैद्य  हरिकृष्ण पाण्डेय"हरीश "

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