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तुलसी है संजीवनी


तुलसी का अर्थ है "अतुलनीय पौधा "। तुलसी का पौधा भारत के लगभग हर घर में पाया जाता है, इसको पवित्र माना जाता है और इसकी पूजा भी की जाती है तुलसी भारत में सबसे पवित्र जड़ी बूटी मानी जाती है तुलसी के पौधे में कई औषधीय गुण भी मौजूद है ,तुलसी के पौधे के कई उपयोग और इसके फायदे है तुलसी के पत्तों और फूलों में कई रसायनिक यौगिक है जो बीमारी को रोकने और स्वास्थ्य को बढावा देने में सहायता करते है तुलसी में विटामिन ,सी और के ,मैग्नीज ,तांबा , कैल्शियम ,आयरन ,और ओमेगा - फैट्स  जैसे तत्व मौजूद होते है , ये सभी पोषक तत्व स्वाथ्य के लिए बहुत अच्छे होते है

तुलसी का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है और इसका सेवन किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है









तुलसी के फायदे और उपयोग :-

·        आठ तुलसी के पत्तें और पांच लौग़ एक कप पानी में डाल कर उसे दस मिनट तक उबाले फिर अपने स्वाद अनुसार उसमे नमक डाल ले ,इससे ठंडा होने पर धीरे- धीरे पियें इससे खांसी में राहत  मिलेगी खांसी के कारण गले में होने वाली ख़राश के लिए , पानी में तुलसी के पत्तों को डाल कर उबाल ले फिर उससे गरारे करे
·        तुलसी के बींज का चूर्ण बना कर दही के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर खत्म हो जाती है
·        तुलसी के पत्तों का रस ,मधु (शहद ) में मिला कर चाटने से चक्कर आना बंद हो जाता है  
·        तुलसी का अर्क पीने से बुखार कम होता है
·        तुलसी के पत्तों को चाय में उबाल कर पीने से सर्दी - जुकाम से राहत मिलती है
·        तुलसी के पत्तों को अदरक के साथ चबाने से खांसी में लाभ होता है
·        जिन्हें लीवर में समस्या हो उनको तुलसी के 10- 12 पत्तियों को गर्म पानी से धो कर रोज सुबह खाना चाहिए
·        तुलसी के पत्तें तनाव को दूर करते है । इसलिए विभिन्न अध्ययनों से पता चला है, की तुलसी के 10- 12 पत्तें सुबह शाम खाने से तनाव  संबंधी  बीमारियों को रोका जा सकता है ।
·        तुलसी के पत्तों को रोजाना चबाने से रक्त भी शुद्ध होता है ।
·        तुलसी के पत्तों में" विटामिन ए "होता है । विटामिन ए में एंटी आँक्सीडेंट गुण है और वह आँखों के लिए आवश्यक  है  । सोने जाने से पहले काली तुलसी के रस की २ बूंद आँख में डालने से आँखों की सूजन से राहत  मिलती है ।
·        चाय बनाते समय उसमे तुलसी के पत्तें डाल कर चाय बनाये । तुलसी के पत्तों की चाय पीने से सिर दर्द में लाभ होता है ,वैकल्पिक रूप से दिन में दो बार तुलसी की बनी  चाय पी सकते है । तुलसी के पत्तों की चाय पीने से आपका सिर दर्द धीरे -धीरे गायब हो जायेगा । हल्का सिर दर्द होने पर तुलसी के पत्तों को चाबना लाभदायक होता है ।
·        दस्त या गैस की समस्या हो तो तुलसी के १०-१५ पत्तों को पानी में उबाल कर उसका काढ़ा बना ले, और उसमे चुटकी भर सेंधा नमक डाल कर पीने से लाभ होता है  ।
·        दाद ,खुजली या त्वचा पर तुलसी के अर्क को उस स्थान पर लगाने से उनके इन्फेक्शन में फ़ायदा  होता है ।
·        तुलसी के कुछ पत्तों को सरसों के तेल में भुन लीजिए, फिर उसमे लहसुन का रस मिला कर कान में डाल लीजिए । इससे कान दर्द में आराम मिलेगा ।
·        त्वचा पर फुंसी होने पर तुलसी के पत्तों को पीस कर फुंसी पर लगाने से फुंसी ठीक हो जाती है ।
·         तुलसी के पत्तों का रस त्वचा पर लगाने से त्वचा में निखार आता है, एव तुलसी त्वचा सबंधी समस्याओं को भी रोकती है ।

तुलसी के नुकसान :-

·        तुलसी और अदरक की चाय का अधिक सेवन करने से सीने में जलन , पेट में जलन पैदा हो सकती है
·        जो मधुमेह के रोगी हो और दवा का सेवन कर रहे हो उनको तुलसी का सेवन करने से रक्त शर्करा में अत्यधिक कमी हो सकती है ।
·         गर्भवस्था के दौरान तुलसी का सेवन नही करना चाहिए क्योंकि तुलसी के सेवन से गर्भाशय के संकुचन और मासिक धर्म का कारण बनता  है । 
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