Header Ads

सौंठ का प्रयोग शरीर को बनाये स्वस्थ

प्रयोग बताने से पहले यह बताना आवश्यक है कि सौंठ और अदरक एक ही है।  गीली ै तो अदरक सूख कर  बनती है सौंठ।  इस सुखी सौंठ का चूर्ण अधिक मात्रा में पीस कर नहीं रखना चाहिए।  सुखी गांठ के रूप में सुरक्षित रखी गई सौंठ सालों साल चलती है। 


गांव में आज भी बहुत से लोग विभिन्न बीमारियों में इसका प्रयोग करते है। 

अदरक सौंठ के अन्य प्रयोग 

जुकाम - में दो चमच्च इसका रास शहद मिला कर लेना हितकर है।  

दमा - दमे के लिए पीपल, और सेंधानमक मिलाकर अदरक के रस के साथ लेना लाभकारी है।  

मूर्छित - (बेहोशी वाले) को इसका रस नाक में टप काने से लाभ होता है।  

दांत दर्द - दांत  दर्द हो तो इसका छोटा सा टुकड़ा पीड़ा वाले स्थान पर रख कर दबाना हितकर है।  

पेट दर्द - पेट दर्द के लिए पिसी  सौंठ एक ग्राम जरा सी हींग और सेंधानमक जरा सा मिलाकर गुनगुने पानी में फंकी लेना हितकर है।  

अपचन ,कब्ज - के लिए आधा चम्मच पिसी  सौंठ का चूर्ण दो चुटकी सेंधानमक, आधा गिलास गर्म पानी के साथ लेना आराम दायक है।  

मुंह की दुर्गन्ध  - एक चम्मच अदरक का रस एक गिलास गर्म पानी में डाल कर कुल्ला करना लाभकारी है।  

मासिक धर्म - के दर्द में सौंठ और पुराना गुड़ मिलाकर काढ़ा बनाकर पीना लाभ करता है। 

मसूड़े फूलने पर - तीन ग्राम सौंठ चूर्ण को  पानी से सवेरे शाम लेना या अदरक के रस में नमक मिलाकर  दर्द वाली जगह धीरे धीरे मलना हितकर है।  

पेट में अफारा या गैस - एक ग्लास ताजा गन्ने के रस में दो चम्मच अदरक का रस मिलाकर एक चम्मच पोदीना का रस मिलाकर दिन में दो बार पिये।  

भांग का नशा - दो चम्मच इसका रस पिलाना लाभकारी है।  

बांयटे (हड  फूटन) - इसको सिल  बट्टे से पीसकर बांयटे आने वाले अंग पर लगाना हितकर है।  

अम्लपित्त  - खट्टी डकारे आये तो अनार के रस में एक चम्मच अदरक का रस एक चम्मच पोदीना का रस मिला कर पिलाये।  

उलटी आने पर - अदरक एवं प्याज का रस मिलाकर एक एक चम्मच दो बार पिलाना हितकर है।  

अन्य गुणों से संपन्न अदरक और सौंठ को महोषधि कहा गया है।  

उक्त उपचार सामान्य है प्रयोग करने से पहले स्थानीय चिकित्सक से परामर्श अवश्य करे।  

वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय "हरीश"

कोई टिप्पणी नहीं