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खारे नमक के मीठे गुण

नमक ऐसा नाम है कि इसके परिचय का ज्याद जरुरत नहीं।  लेकिन आम आदमी नमक के मीठे गुण सुन कर चौंकेगा।  क्यूंकि वह नमक को इतना ही जानता है कि  रोटी सब्जी की नमकीन बनाता है बस। 







नमक में कई रोग शमन गन है, जिनको जान कर समय पड़ने पर सही उपयोग कर संकट से बचा जा सकता है।  नमक सूजन मिटाने वाला, दर्द शांत करने वाला, पाचन स्थान मददगार होकर पेट साफ करने वाला, निर्धारित मात्रा से अधिक लेने से वमन उलटी कराने वाला है।  सूजन तथा दर्द वाले स्थान पर हल्के  हाथ से इसकी मालिश करते है।  गर्म पानी  में डाल कर सेंक करते है।  गरारे करने के लिए एक चम्मच नमक, एक ग्लास गर्म पानी में डालना चाहिए।  धोने के लिए एक चम्मच नमक पांव पर पानी में डाल कर प्रयोग करना चाहिए।  गांठ या गुम चोंट पर कपडे की पोटली में नमक डाल तवे पर गर्म कर सेंक करने से लाभ होता है।  इस के लिए केवल सूती कपडा ही इस्तेमाल करें। 


  • गले में सूजन होने पर एक चम्मच नमक, एक ग्लास पानी में डाल कर गरारे करने से आराम मिलता है।  
  • मसूड़े में सूजन हो जाय या दर्द हो तो इसको महीन पीस कर कपडे से छान कर सरसों का तेल मिला कर धीरे -धीरे मसूड़े पर मलने से लाभ होता है।  
  • गुम चोट या मोच पर मालिश करने से पहले गर्म पानी में नमक मिला कर सेंक करने से लाभ मिलता है।  
  • दैनिक व्यवहार में सफ़ेद नमक ही प्रयोग करते है।  अनुभव लोग पेट की गड़बड़ में, बदहजमी, पेट दर्द में काला नमक इस्तेमाल करते है।  अजवायन,काले नमक या सफ़ेद नमक के साथ देने से पेट दर्द में आराम मिलता है।  
  • जहरीला कीड़ा, ततैया के डंक मारने के स्थान पर लोहे की कील सरसों का तेल और नमक आपस में रगड़ कर लगाने से पीड़ा शांत होती है।  हां, तो यह भी मीठे गुणो का परिचय।    



वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय 'हरिश '

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