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एक अनार सौ उपचार

एक अनार सौ उपचार


इसके सेवन से पाचन शक्ति बढ़ती है भूख खूब लगती है।  बीमार लोगों के लिए अमृत समान है।  अनार से चटनी और शरबत बनाए जाते हैं।  बेहोशी में इसका एक चम्मच रस चमत्कार करता है।  अनार के सेवन से बुद्धि का विकास होता है पेशाब खुलकर आता है।  इसकी छाल का काढ़ा  बनाकर गरारे करने से मुंह के छाले, गले के दर्द में लाभ होता है।   







पेट में इसकी जड़ की छाल का काढ़ा पिलाने से लाभ होता है।  इसका सूखा छिलका चूसने से खांसी में लाभ होता है। 

रक्त विकारों में लाभ करता है रक्त बढ़ाने में अनार का सेवन अति उत्तम है।  थकान सुस्ती और शारीरिक दुर्बलता में अनार का सेवन लाभकारी है।  इसके फूलों को पीसकर एक छोटा चम्मच चूर्ण 3 ग्राम दूध या पानी से लेने से रक्त प्रदर एवं श्वेत प्रदर में लाभ होता है।  अनार के छिलकों को सुखाकर जला कर व पीसकर दांतों पर मलने से दातों में चमक आती है इससे मसूड़े मजबूत होते हैं। अनार चबाकर खाने से कब्ज करता है चूस कर खाने से कब्ज दूर करता है।  

वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय 'हरीश'


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