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बरसाती बीमारियों से लड़े घरेलू नुस्खों के साथ

बरसाती बीमारियों से लड़े घरेलू नुस्खों के साथ


यह एकदम ठीक है कि बिना डॉक्टरी सलाह के दवाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए। लेकिन कुछ देसी नुस्खे भी हैं, जिसके चलते आपको तत्कालिक राहत मिल सकती है ,ना केवल तत्कालिक राहत बल्कि कई बार लंबे समय तक राहत भी। नुस्खों  से होने वाले इलाज की सामग्री आपके घर में ही मिल जाएगी यह कहना है वयोवृद्ध वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय हरीश का, उनका कहना है कि कई बीमारियों का इलाज हमारे घरों में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खानपान की चीजों में है थोड़ी सी कोशिश करें तो कुछ इलाज खुद कर सकते हैं।









वैद्य हरिकृष्ण  का कहना है कि बारिश के दिनों में कई प्रकार के बुखार होने का डर लोगों को सताए रहता है।  बुखार के कारण भूख मर जाती है, मुंह कड़वा होने लगता है। ऐसे में नींबू को आधा काट कर काली मिर्च और नमक लगाने के बाद नींबू कारस चूसे इससे मुंह का जायका ठीक होता है। भूख बढ़ेगी और बुखार में भी आराम मिलेगा। टमाटर पर काला नमक लगाकर खाने से मुंह के बिगड़े जायके में सहायता मिलेगी। बारिश के दिनों में अक्सर शरीर पर दाने निकल आते हैं जिनमें खारिश की समस्या से अक्सर लोग परेशान रहते हैं. इस के इलाज के लिए मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाने से दानों की समस्या से पार पाया जा सकता है।  नीम के पत्तों का तेल पानी में मिलाकर नहाने में भी दानों की समस्या दूर की सकती है। रात को सोते समय नाक बंद होने की समस्या में अक्सर लोग पीड़ित रहते हैं।

अमरूद को भूनकर खाने से जुकाम छूमंतर हो जाता है अमरूद के पत्तों को उबाल कर, उस उबले हुए पानी के गरारे करने से गले की खराश व बंद गले में राहत मिलेगी। ज्यादा बारिश में भीगने के कारण कभी-कभी त्वचा कट जाती है। में  गर्म पानी में नमक डालकर कटे हुए हिस्से को धोएं फिर उस पर सरसों का तेल लगाएं वैद्य हरीश कहते हैं की सबसे अच्छी बात यह है कि घरेलू नुस्खों का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।



वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय 'हरीश'

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