Header Ads

कुछ दवाएं, कुछ मसाले

कुछ दवाएं, कुछ मसाले


बरसात के मौसम में उल्टी, जी मिचलाना, दस्त, खुजली, बुखार आदि कई बीमारियां हो सकती हैं।  बीमारी के शुरुआत होते ही घरेलू उपचार किए जाएं तो आने वाले संकट से बचा जा सकता है।  इस मौसम में बासी चीज है बासी भोजन, छाछ, चटपटे मसालेदार व्यंजन, बेसन की चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।










जी मिचलाए, उल्टी आए तो सौंफ और मिश्री मुंह में रखकर चूसना चाहिए। लौंग को पानी में उबालकर ठंडा कर  पानी या लौंग को मुंह में रखकर चूसना हितकारी है। 

अजवायन आधा चम्मच, सौंफ एक चम्मच, जीरा एक चम्मच लेकर पाव  भर पानी में उबालकर ठंडा कर थोड़ी देर में दो दो चम्मच पिलाने से जी मिचलाना उल्टी आना बंद हो जाता है।  प्यास और बेचैनी में लाभ होगा।  आधा लीटर पानी में 10 लोग उबालकर ठंडा कर पिलाने से मचली,  उल्टी नहीं आती।

दस्त होने पर मरीज को कमजोरी घेर लेती है।   पीड़ित  का उठना-बैठना मुश्किल हो जाता है।  इसमें  बिना देर किए प्राथमिक उपचार शुरू कर देना चाहिए।  बेल आसानी से मिलने वाला है बेल की चटनी शर्बत बेल का मुरब्बा इस  रोग में फायदा देता है। 

दस्त लगने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में पानी खूब पिलाना चाहिए पानी उबालकर ही पिए।

बेल को तोड़कर उसका गूदा पानी में मत ले जरा सी चीनी मिलाकर पिलाएं इससे जल्दी फायदा होता है।

एक चम्मच जीरा एक गिलास पानी में घोलकर रखें थोड़ी देर बाद छानकर उसे पिलाएं।  लवण भास्कर चूर्ण एक चम्मच, एक गिलास छाछ में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है। दही को पानी डालकर मथ कर भुना हुआ जीरा और नमक मिलाकर पिलाना उपयोगी है।

कच्चे बेल की गिरी को पानी में उबालकर जरा सा गुड़ मिलाकर पिलाने से दस्त के साथ खून आने में लाभ होगा।

यदि बच्चों को दस्त हो तो सौंफ  को पानी में उबालकर ठंडा करके पिलाना चाहिए।  जायफल को पानी में घिसकर चटाने से लाभ होता है। बच्चा चाट ना सके तो पानी में घोलकर पिलाना चाहिए। संजीवनी वटी एक गोली, कर्पूर रस एक गोली दिन में दो या तीन बार आवश्यकतानुसार पानी से देना लाभकारी है कुटजारिष्ट या  कुटजाअवलेह  भी उक्त  रोग में लाभकारी है। 


भुना जीरा नागर मोथा की जड़ पीपल या सोंठ का चूर्ण प्रत्येक 5 ग्राम लेकर कूट पीसकर 1 लीटर छाछ में मिलाकर 4 भाग कर 6-6 बाद पिलाना हितकर  है।  सोंठ का चूर्ण बनाकर 3 ग्राम की मात्रा में बराबर चीनी मिलाकर दिन में दो बार लेना हितकर है।

मुंग की दाल की खिचड़ी बना कर देना हितकर है।  अनार के दाने चूसना लाभकारी है

तेज मसाले, मांस, शराब, तंबाकू आदि का सेवन ना करें। 


वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय 'हरीश'



कोई टिप्पणी नहीं