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मेहंदी का रंग सेहत के लिए भी चोखा

मेहंदी का रंग सेहत के लिए भी चोखा


तीज-त्योहारों के या विवाह आदि शुभ अवसरों पर हाथों में मेहंदी लगाने का रिवाज है।  मेहंदी सिर्फ सजने-संवरने में ही नहीं बल्कि कई बीमारियों में छुटकारा पाने में भी सहायक है।  प्राथमिक उपचार में इसका प्रयोग लाभकारी है।  







मेहंदी सिर दर्द जोड़ों की सूजन, हाथ-पाव तलवों की जलन में बहुत लाभ करती है।   इसके लेप से बहता खून बंद होता है।  दर्द मिटता है और जल्दी घाव भरता है।  

मेहंदी के पत्तों को पीसकर लेप करने से कोढ़  एवं कई चमड़ी के रोगों में लाभ होता है।  मुंह तथा गले के रोगों में इसका काढ़ा बनाकर कुल्ला करने से आराम मिलता है। 

सिर दर्द में इसके  फूलों को पानी में पीसकर लगाने से फायदा होता है।  तलवों की जलन शांत होती है। 

मेहंदी के पत्तों को पीसकर पानी में घोलकर छान कर कुल्ला करने से मुंह के छालों में आराम मिलता है।  

घुटनों के दर्द और सूजन में इसके पत्ते और अरंड के पत्ते मिलाकर पीस कर थोड़ा गर्म करके सुहाते सुहाते बांधने से दर्द में आराम मिलता है सूजन मिटती है।  

मेहंदी के पत्तों को उबाल कर चेहरा धोने से (ठंडा करके)फोड़े, फुंसी, कील, मुंहासे और झाइयों में लाभ होता है।  

वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय 'हरीश'

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