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काली मिर्च के कमाल हेल्थ करें मालामाल



काली मिर्च वैसे तो किसी परिचय की मोहताज नहीं है लेकिन इसमें छुपे औषधीय गुणों के बारे में सब लोग नहीं जानते।







आप की जानकारी  के लिए बतादें कि यह एक अंगूर की तरह की बेल है मतलब पेड़ पौधा नहीं है यह पास खड़े पेड़ पर चढ़कर ही फूलती फलती है। 

कई विद्वानों के मत से यह काली और सफेद दो प्रकार की होती है लेकिन व्यवहार में काली मिर्ची ज्यादा होती है कई लोग इसका छिलका उतारकर सफेद मिर्च के नाम से महंगे भाव बेचते हैं। वह उतनी शक्तिशाली नहीं रह जाती।  प्रयोग करने के लिए काली मिर्च ही उत्तम है।

प्रांत और भाषा भेद के कारण इसको गोलमिर्च, मिरिच, मिरि , कालामरी,मिलागू, मिरियालू,फील-फील स्याह और  ब्लैक पेपर के नाम से जानते हैं। 

आप सिर्फ काली मिर्च जानो साथ ही जानो  इस के गुणकारी प्रयोग। 

सर्दी  परेशान है तो 5 काली मिर्च दूध में उबालकर पिये।

नाक की एलर्जी के लिए सौंठ  काली मिर्च इलायची बराबर मात्रा में लेकर पीसकर चूर्ण बनालें और  बीज निकाल ले मुनक्का के साथ घोट कर गोली बना छाया में सुखा लें।  दो-दो गोली सवेरे शाम गर्म पानी से लें। 
 
नाक बंद हो तो काली मिर्च, छोटी इलायची, दालचीनी और जीरा बराबर मात्रा में मिला सूती कपड़े में पोटली बना लें कई बार सूघना लाभ करेगा।

कफ वाली जुखाम में 5 काली मिर्च पिसी हुई, चुटकी भर हल्दी घर की पिसी मिलाकर दिन में दो बार देना हितकर है।

सूखी खांसी बड़ी दुखदाई होती है इसके लिए दो चम्मच दही (खट्टा ना हो ) एक चम्मच चीनी, 5 ग्राम  काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर चाटना लाभकारी है। 

बुखार के लिए काली मिर्च तुलसी के पत्ते और गिलोय का काढ़ा बनाकर पीना लाभकारी है। 

पाचन शक्ति कमजोर हो तो काली मिर्च और काला नमक स्वाद के अनुसार मिलाकर खाने में हाजमा ठीक होता है भूख खुलकर लगती है। 

पेट में कीड़े हो तो छाछ में इस का चूर्ण मिलाकर पीना कीड़ों में लाभ करता है पेट को ठीक रखता है। 

पेट की गैस से परेशान लोग एक कप पानी में नींबू का रस, काली मिर्च, काला नमक मिलाकर पिए। 

कब्ज की समस्या में पांच काली मिर्च चबाकर ऊपर से दूध पिए।  रात को सोते समय लाभ होगा।

पायरिया के लिए नमक और काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर धीरे-धीरे मसूड़ों पर मलना हितकर है। 

 गठिया  या जोड़ो  के दर्द के लिए कालीमिर्च को तील  के तेल में पका कर ठंडा कर मालिश करे।

बदहजमी खट्टी डकारों के लिए आधा नींबू बीज निकला हुआ तवे पर रखकर गरम करें काली मिर्च का चूर्ण और काला नमक उसके ऊपर डालकर किसी तिनके  या माचिस की तिल्ली से गोददे।  सुहाता सुहाता चूसे।

आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार है आटा भूनकर काली मिर्च, घी, चीनी मिलाकर पंजीरी बनाएं एक एक चम्मच सवेरे शाम खाली पेट लें। 

उच्च रक्तचाप हाई ब्लड प्रेशर में आधा गिलास गुनगुने पानी में 3 चुटकी काली मिर्च का चूर्ण दिन में 3 बार पिये।

मुंह में बदबू आती हो तो रात को सोते समय ब्रश करने के बाद 3-4 काली मिर्च चबाले  यह मुंह में डालकर चूसते चूसते सो जाएं। 

गला बैठ गया  गले में खराश है तो काली मिर्च का चूर्ण देसी घी और पीसी मिश्री मिलाकर सवेरे शाम चांटे।  आधा घंटा तक खाना पीना बंद रखें।

उक्त सभी उपचार उपाय सामान्य हैं प्रयोग करने से पहले स्थानीय चिकित्सक से सलाह अवश्य करें। 


वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेय 'हरीश '

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