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समस्या रक्तचाप की।।

समस्या रक्तचाप की


रक्तचाप यानी ब्लडप्रेशर की।यह बिमारी आज कल आम है।इससे कोई हाई से कोई लौ से परेशान हैं।इसके ज्यादा या कम होने का एक कारण नहीं कयी कारण हो सकते हैं। सामान्य कारण जो दोनों पत्रकार के रक्तचाप के लिए हैं उनमें खान पान और आधुनिक जीवन शैली है। प्रतिस्पर्धा के युग में न दिन रात की परवाह होती ना खान पान की।नाही सोने जागने का समय निर्धारित है। आयुर्वेद ने जो स्वस्थ जीवन के लिए मानक स्थापित किये हैं उनकी तो जानकारी भी नहीं है।आयु के साथ ब्लडप्रेशर भी घटता बढ़ता रहता है। मिनसिक तनाव की इस में मुख्य भूमिका है। उच्च या निम्न दोनों ही ब्लडप्रेशर बड़ी बिमारी का कारण बन सकते हैं।जिनमें ह्रदयाघात भी एक है। इन आकस्मिक आपदाओं से बचाव के लिए कुछ उपाय उपचार अपनाना हितकर है।किसी भी सूरत में नमक का सेवन पांच ग्राम से ज्यादा न करें।




किसी भी रूप में तंम्बाखू का प्रयोग न करें। जंक फूड अधिक वासा युक्त भोजन से भी परहेज करें।इनका सेवन ह्रदय और गुर्दों को हानि कारक है।यदि किसी को खड़े होने पर चक्कर आये शरीर शिथिल हो जाय बेहोश होजाय तोब्लडप्रेशर के लक्षण मानें।और बिना देर करें डाक्टर को दिखायें।ब्लडप्रेशर बढने घटने के ब्रद्धों और युवाओं के कारण भिन्न भिन्न होते हैं। बड़ों को शारीरिक बिमारियों के साथ मानसिक दबाव घरेलू समस्या होती हैं तो युवाओं की अनियंत्रित जीवन शैली अनियंत्रित खान-पान और अनियं त्रितदिन दिनचर्या है।सोने के समय जागना नींद को भगाने के लिए चाय काफी धूम्रपान का सहारा लेना,नींद न आये तो मादक वस्तुओ का सेवन करना,पानी कम पीना,तले,भुने,चटपटे व्यंजन खाना भी सहायक है।

गरिष्ट पदार्थों में उड़द की दाल,बेसन,राजमां,मैदा, ज्यादा घी ,तेल, मिठाइयां,और मांस आदि भी उक्त व्याधि बढ़ाते हैं।एक बार यह समस्या आजाय तो सावधान रहना चाहिए।समय समय पर जांच कराना न भूलें।जब भी जांच करायें समय निकाल कर  तसल्ली से करायें। डाक्टर के पास जाकर भी कुछ देर आराम से बैठने के बाद ही जांच करायें।चलकर आने के बाद,सीड़ियां चढ़ने के बाद, धूम्रपान या चाय काफी के सेवन के तुरंत भी जांच न करवाएं।यह भी देखा सुना है नर्स ने जांचा तो और ,और डाक्टर ने जांचा तो और रिडिग आती है।अपनी तसल्ली के लिए फिर से डाक्टर से पूरी वजह जाने। यदि परिवार में यह समस्या रही है तो इसे हल्के में नां लें। यदि अचानक बढ़ गया तो भी डाक्टर को अवश्य दिखाये।अपने मन से या किसी की बताई दवा भी न लें।क्षणिक या मानसिक तनाव से बढ़ा है तो संयम रखें। थोड़ा आराम करलें।चैन नां मिले तो डाक्टर को दिखायें इधर उधर की सुनी सुनाई बात पर विश्वास न करें।एक बार भी यह परेशानी होजाय तो तुरंत अपने खान पान में बदलाव करें।


निम्न चीजों का सेवन आपके ब्लडप्रेशर को तो नियंत्रित करता ही,आपके स्वास्थ्य को भी संभालेगा।

1. आनार सदियों से सुनी जानेवाली कहावत।एक अनार सौ बिमार। लगातार कुछ दिन अनार का जूस एक ग्लास या एक कटोरी इसके दानों को चूंसना बहुत लाभकारी है।

2. चुकन्दर का जूस एक ग्लास पीने से असर तुरंत नजर आता है।

3. लहसुन सदियों से हमारा सेवनीय रहा है।उच्चरक्तचाप को नियंत्रित करने में लहसुन बहुत उपयोगी है।सबेरे खाली पेट इसकी दो से पांच कली पानी से सटकना हितकर है।

4. मेथी हरघर में होती है।रात को एक ग्लास पानी में एक चम्मच मेथी डाल कर ढक कर रखदें सबेरे उठ कर शौच से निवृत्त हो मेथी चबा चबा कर खायें उपर से वही पानी पीलें।

5. सहजना ।के पेड़ की फलीयोंको दाल के साथ बना कर खायें दाल का स्वाद बढ़ेगा और ब्लड प्रेशर में लाभ होगा।

6. नींबू सवेरे गर्म पानी में लिया जाय तो बहुत लाभकारी है।

7. मूली इसका सेवन सलाद के रूप में दोपहर के भोजन में दही के साथ करना लाभकारी है।

8. ब्लडप्रेशर न तो कम ना ज्यादा दोनों ही स्वस्थ्य के लिये हानिकारक हैं।

9. इसमें नियमित खान-पान,सोना जागना,यथा साध्य व्यायाम,प्रात भ्रमण,और शान्त वातावरण
इसव्याधि को नियंत्रण में रखता है।

उक्त सभी उपाय, उपचार सामान्य हैं।प्रयोग करने से पहले स्थानीय चिकित्सक से सलाह अवश्य लें |


     वैद्य हरिकृष्ण पाण्डेयहरीश

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